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मध्यप्रदेश की आधिकारिक खबरें, 23 सितंबर 2026: सिंहस्थ 2028 के सेवादूत, आयुर्वेद दिवस, सांकेतिक भाषा दिवस, शक्ति कैफे

ये मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग की आधिकारिक विज्ञप्तियों के हमारे अपने शब्दों में संक्षिप्त सार हैं। इनमें वही बताया गया है जो सरकार ने घोषित किया; आंकड़े और योजनाएं सरकार के अपने बयान या अनुमान हैं और हमने इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया है। इस पेज में कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं है।

यहां 22 और 23 सितंबर 2026 की मध्यप्रदेश की चार आधिकारिक खबरें हैं, जो रोज़मर्रा की ज़िंदगी, स्वास्थ्य, आस्था और महिलाओं की आजीविका से जुड़ी हैं। पूरी विज्ञप्तियां mpinfo.org पर पढ़ें।

चित्र: इन्फोटैब इंडिया।

1. सिंहस्थ 2028: 15,000 प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की योजना

राज्य सरकार ने घोषणा की है कि उज्जैन सिंहस्थ 2028 में भीड़ और सेवाओं के प्रबंधन में मदद करने वाले स्वयंसेवकों (“सेवादूतों”) के प्रशिक्षण के लिए भोपाल में अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर बनेगा। सेंटर तैयार होने तक प्रशिक्षण सांदीपनि विद्यालयों के भवनों और परिसरों में होगा।

  • भारत स्काउट एंड गाइड के 15 हज़ार से अधिक प्रशिक्षित स्वयंसेवक 20 से अधिक कैंपों के ज़रिए सेवा देंगे। सिंहस्थ 2016 में करीब 7,500 स्काउट-गाइड ने 10 कैंपों से सेवा दी थी।
  • आपदा प्रबंधन संस्थान के सहयोग से लगभग 100 मास्टर ट्रेनर तैयार होंगे।
  • प्रदेश के हर ज़िले से 500 और उज्जैन संभाग के हर ज़िले से 1,000 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
  • सरकार को सिंहस्थ 2028 में करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। यह सरकारी अनुमान है, पुष्ट आंकड़ा नहीं।

यह घोषणा 23 सितंबर को भोपाल में भारत स्काउट एंड गाइड के साथ हुई संगोष्ठी में की गई।

2. राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस: भोपाल के ज़िला आयुर्वेद चिकित्सालय का नया भवन

11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस (23 सितंबर) पर भोपाल के शासकीय ज़िला आयुर्वेद चिकित्सालय के नए भवन का भूमि-पूजन और शिलान्यास हुआ। आयुष विभाग ने नए भवन और नवीनीकरण कार्य के लिए 4 करोड़ 95 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। अधिकारियों के अनुसार उद्देश्य नागरिकों को आयुर्वेद उपचार की बेहतर सुविधा देना है।

3. अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस: थानों और अस्पतालों में दुभाषिए

23 सितंबर को राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री ने कहा कि सांकेतिक भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, रोज़गार, अधिकार और सामाजिक भागीदारी का आधार है। उन्होंने बताया कि पुलिस थानों, अस्पतालों और रोज़मर्रा की ज़रूरत वाली जगहों पर प्रशिक्षित सांकेतिक भाषा दुभाषिए उपलब्ध कराने के प्रयास हो रहे हैं। यह भी घोषणा हुई कि भोपाल का सामाजिक न्याय भवन अब “सशक्तिकरण भवन” कहलाएगा।

4. शक्ति कैफे: भोपाल में 18वां केंद्र शुरू

मध्यप्रदेश पुलिस ने 22 सितंबर को भोपाल में जीआरपी (शासकीय रेलवे पुलिस) मुख्यालय के पास 18वां “शक्ति कैफे” शुरू किया। साथ ही “परिमल कैंटीन” भी शुरू हुई। ये कैफे हिंसा या कठिन परिस्थितियों से गुज़री महिलाएं चलाती हैं ताकि उन्हें स्थायी आय मिल सके। यह विचार 2022 में “शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के लिए सुरक्षित स्थान” और “महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन” के तहत शुरू हुआ। थानों या सार्वजनिक स्थानों के पास कैफे होने से महिलाओं को रोज़गार के साथ पुलिस सहायता तक आसान पहुंच मिलती है।

  • कैफे चलाने वाली महिलाओं को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ज़रिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ऋण मिल सकता है।
  • उन्हें सहयोगी संस्थाओं के ज़रिए कैटरिंग, खाद्य निर्माण और स्वच्छता का प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • अधिकारियों के अनुसार कुछ महिलाओं ने ऋण समय से पहले चुका दिया है।

हम आधिकारिक खबरें क्यों साझा करते हैं

इन्फोटैब इंडिया आधिकारिक स्रोतों का पालन करता है ताकि पाठक मूल जानकारी खुद जांच सकें। हम केवल सार देते हैं; सरकार के पूरे बयान जनसंपर्क विभाग की वेबसाइट पर हैं। कोई गलती दिखे तो हमारे संपर्क पेज पर लिखें, हम जल्दी सुधार करेंगे।

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