छत्तीसगढ़ में बाढ़, 26 सितंबर 2026: खारून नदी उफान पर, स्कूल बंद, गंगरेल बांध के गेट खोले गए
पिछले 24 घंटों की लगातार भारी बारिश से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। खारून नदी उफान पर है, रायपुर और दुर्ग जिलों में सड़कें पानी में डूब गईं, शनिवार 26 सितंबर 2026 को राज्य के सभी स्कूल बंद रहे और एक बड़े बांध के सभी गेट खोले गए। उस शाम Google Trends इंडिया पर “छत्तीसगढ़ बाढ़” भी टॉप सर्च में रहा।
शनिवार, 26 सितंबर 2026, रात 9:59 बजे (IST) को तैयार किया गया। तारीख हमारे प्रकाशन सिस्टम की घड़ी से ली गई है। तथ्य नीचे दिए स्रोतों में उस समय जैसे बताए गए थे वैसे हैं और अब बदल चुके हो सकते हैं।
छत्तीसगढ़ बाढ़ एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तारीख | शनिवार, 26 सितंबर 2026 (पिछले 24 घंटों की बारिश) |
| सबसे ज़्यादा प्रभावित बताए गए इलाके | रायपुर और दुर्ग जिले (खारून नदी); महासमुंद और धमतरी (महानदी और गंगरेल बांध); बस्तर और आसपास के इलाके |
| प्रभावित सड़कें | महादेव घाट होकर रायपुर–पाटन–दुर्ग मार्ग और रायपुर–भिलाई मार्ग; रायपुर–जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलभराव |
| बढ़ते जलस्तर वाली नदियां | खारून, इंद्रावती, महानदी और शिवनाथ (दैनिक जागरण, अंग्रेज़ी संस्करण) |
| बांध | धमतरी के गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोले गए; महासमुंद में महानदी किनारे के 18 गांव अलर्ट पर |
| स्कूल | 26 सितंबर को सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूल बंद |
| मौसम प्रणाली | उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर डिप्रेशन (IMD) |
रायपुर और दुर्ग में क्या हुआ
- ANI ने 26 सितंबर को सुबह 10:49 बजे बताया कि 24 घंटे की लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात बने, और खारून नदी के बढ़ते जलस्तर से रायपुर और दुर्ग के नदी किनारे के गांवों में जलभराव हुआ।
- महादेव घाट होकर रायपुर को पाटन और दुर्ग से जोड़ने वाली सड़क डूब गई, जिससे आने-जाने वालों को दिक्कत हुई। महादेव घाट होकर रायपुर–भिलाई मार्ग भी जलभराव और सड़क पर तेज़ बहाव से प्रभावित हुआ।
- दुर्ग जिले के अमलेश्वर और खुड़मुड़ा गांवों में जलस्तर काफी बढ़ गया। कई जगह सड़कें दिखनी बंद हो गईं और कई घरों में पानी घुस गया।
- PTI के 26 सितंबर के एक वीडियो में रायपुर–जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलभराव दिखा।
नदियां और बांध
- दैनिक जागरण के अंग्रेज़ी संस्करण ने इंद्रावती, महानदी और शिवनाथ नदियों में पानी बढ़ने और कई शहरों-कस्बों के निचले इलाकों में जलभराव की खबर दी।
- नेशनल हेराल्ड के अनुसार लगातार बारिश से जलाशय भरने के बाद धमतरी के गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोले गए। अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से निचले इलाकों की बस्तियों की चिंता बढ़ी, और क्षेत्र के अन्य जलाशय भी क्षमता के करीब थे।
- महासमुंद में महानदी में बढ़ते पानी और गंगरेल बांध से छोड़े गए पानी के कारण नदी किनारे के 18 गांव अलर्ट पर रखे गए। बमहनी गांव में एक शराब दुकान पर बाढ़ के पानी में फंसे दो गार्डों को बचा लिया गया।
- बारिश से सड़कें डूबीं और खासकर बस्तर तथा आसपास जिलों के बीच संपर्क प्रभावित हुआ।
IMD के अलर्ट
दैनिक जागरण के अनुसार IMD ने 26 सितंबर के लिए रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सरगुजा, बलरामपुर, जशपुर, सूरजपुर, बस्तर, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में पीला अलर्ट और शनिवार के लिए कोरिया तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में नारंगी अलर्ट जारी किया।
सरकार की कार्रवाई
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार 26 सितंबर को सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूल बंद रखने का आदेश दिया और अभिभावकों से बच्चों को घर पर रखने की अपील की।
- उन्होंने जिला कलेक्टरों को सतर्क रहने, राहत और बचाव कार्य करने, जलस्तर बढ़ने या बाढ़ का खतरा होने पर लोगों को समय रहते चेताने और ज़रूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
- अधिकारियों ने उन निवासियों के लिए सुरक्षित स्थान चिह्नित किए हैं जिन्हें हटना पड़ सकता है।
महाराष्ट्र तक असर: गढ़चिरौली
ANI के अनुसार पड़ोसी छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से आई बाढ़ के बाद महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के भामरागढ़ क्षेत्र में लगभग 525 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। यह अभियान गुरुवार दोपहर शुरू हुआ और देर रात तक चला। जिला अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने लगा है। NDRF की टीम ने बिनागुंडा आश्रम स्कूल की एक बीमार छात्रा को बाढ़ वाले गुंडेनूर नाले के पार कराकर लाहेरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जिला प्रशासन ने नदियों के किनारे और निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और जहां अब भी पानी बह रहा है उन रास्तों से बचने को कहा।
आगे का मौसम
IMD ने 26 सितंबर के लिए आमतौर पर बादल छाए रहने और कुछ बार बारिश या गरज के साथ बौछारों (अधिकतम लगभग 26°C, न्यूनतम 22°C) तथा 27 सितंबर के लिए आंशिक बादल और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारों (लगभग 29°C और 23°C) का अनुमान दिया, और दोनों दिन बिजली के साथ गरज संभव है (ANI)। डिप्रेशन के दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़कर कमज़ोर होने की उम्मीद है (नेशनल हेराल्ड)। दूसरे राज्यों के लिए हमारी कल के मौसम की रिपोर्ट देखें।
नामों पर एक टिप्पणी: कुछ हेडलाइनों में इस सिस्टम को “साइक्लोन अरनब” कहा गया है। 26 सितंबर की प्रेस विज्ञप्ति में IMD इसे उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर डिप्रेशन कहता है, इसलिए हम IMD का शब्द इस्तेमाल करते हैं।
खबरों में बताए गए सुरक्षा उपाय
- निचले इलाकों, पानी भरे अंडरपास और उफनते पुलों से बचें।
- जिन सड़कों या रास्तों पर पानी अब भी बह रहा हो वहां से न गुज़रें।
- अपने जिला प्रशासन के संपर्क में रहें और प्रशासन कहे तो तुरंत सुरक्षित जगह चले जाएं।
- भारत में आपातकाल में 112 डायल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या छत्तीसगढ़ में स्कूल बंद हैं?
शनिवार 26 सितंबर 2026 को राज्य के सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूल बंद रखने का आदेश था। जो खबरें हमने पढ़ीं उनमें आगे के दिनों के लिए बंदी की घोषणा नहीं थी, इसलिए अपने जिला प्रशासन या स्कूल से पूछ लें।
कौन सी नदियां बढ़ रही हैं?
खारून (रायपुर और दुर्ग), महानदी, इंद्रावती और शिवनाथ में जलस्तर बढ़ने की खबर है, और महानदी प्रणाली के गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोले गए।
कौन सी सड़कें प्रभावित हैं?
महादेव घाट होकर रायपुर–पाटन–दुर्ग और रायपुर–भिलाई मार्ग, तथा रायपुर–जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलभराव की खबर है।
क्या और बारिश होगी?
IMD ने 27 सितंबर को एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारों का अनुमान दिया है, और डिप्रेशन के कमज़ोर होने की उम्मीद है।
स्रोत
- ANI: Heavy rain triggers flood-like situation in Chhattisgarh (26 सितंबर 2026)
- दैनिक जागरण (अंग्रेज़ी): Chhattisgarh Rains, IMD alerts (26 सितंबर 2026)
- नेशनल हेराल्ड: Rains shut Chhattisgarh schools (26 सितंबर 2026)
- ANI: Over 500 evacuated in Gadchiroli (26 सितंबर 2026)
- भारत मौसम विज्ञान विभाग: 26 सितंबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति
