भोपाल यात्रा गाइड: ऊपरी झील, भारत भवन और साँची की एक दिन की सैर
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को झीलों का शहर कहा जाता है। दो-तीन दिन में यहां झील के नज़ारे, संग्रहालय, पुराने शहर के बाज़ार और पास में भारत की एक शानदार विश्व धरोहर देखी जा सकती है।
ज़रूर देखने की जगहें
- ऊपरी झील (भोजताल): बड़ी ऐतिहासिक झील, जिसे 11वीं सदी में राजा भोज ने बनवाया माना जाता है। यहां सैरगाह और व्यू पॉइंट हैं।
- वन विहार राष्ट्रीय उद्यान: ऊपरी झील के पास राष्ट्रीय उद्यान और चिड़ियाघर, जहां जानवर प्राकृतिक आवास के क़रीब रखे जाते हैं।
- भारत भवन: चित्रकला, कविता, रंगमंच और संगीत का बहु-कला केंद्र, जिसे वास्तुकार चार्ल्स कोरिया ने डिज़ाइन किया और झील का दृश्य बचाने के लिए आंशिक रूप से ज़मीन के नीचे बनाया गया।
- ताज-उल-मसाजिद और पुराना शहर: बड़ी मस्जिद और पुराने शहर की रौनक भरी गलियां।
- साँची स्तूप: भोपाल से लगभग 49 किमी दूर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, जहां 3री से 12वीं सदी के स्तूप, स्तंभ और तोरण द्वार हैं।
तीन दिन की सरल योजना
| दिन | योजना |
|---|---|
| पहला दिन | ऊपरी झील, वन विहार, ताज-उल-मसाजिद और पुराना शहर |
| दूसरा दिन | भारत भवन और शहर के संग्रहालय |
| तीसरा दिन | साँची स्तूप की एक दिन की सैर |
सुझाव
- झीलों और पार्कों में सुबह या शाम को जाएं, मौसम ठंडा रहता है।
- जाने से पहले संग्रहालयों और वन विहार के खुलने के दिन देख लें। कुछ सप्ताह के खास दिनों पर बंद रहते हैं।
- साँची के लिए पानी, टोपी और आरामदायक जूते साथ रखें।
- खाने के लिए पुराने शहर का स्ट्रीट फूड चखें, पर भीड़ वाली और साफ दुकानें चुनें।
कैसे पहुंचें
भोपाल में हवाई अड्डा, बड़ा रेलवे जंक्शन और इंदौर, उज्जैन व साँची के लिए अच्छी सड़कें हैं। इंदौर से भोपाल सड़क या रेल से लोकप्रिय यात्रा है।
