इंदौर फूड गाइड: पोहा-जलेबी, सराफा बाज़ार और छप्पन दुकान
जिसने भी इंदौर घूमा है, उससे पूछिए कि सबसे ज़्यादा क्या याद है, तो जवाब अक्सर खाना होता है। सुबह की पोहा-जलेबी से लेकर सराफा बाज़ार के रात के नाश्ते तक, पहली बार आने वालों के लिए यह आसान गाइड है।
दो मशहूर खाने की जगहें
| जगह | सबसे अच्छा समय | किसके लिए मशहूर |
|---|---|---|
| छप्पन दुकान (56 दुकानें), पलासिया क्षेत्र | सुबह और शाम लगभग 4 बजे। दुकानें करीब सुबह 6 बजे से खुलती हैं। | पोहा-जलेबी, खोपरा पेटीज़, नाश्ता और मिठाइयां। इसे अक्सर साफ-सुथरे स्ट्रीट फूड हब में गिना जाता है। |
| सराफा बाज़ार, जो दिन में सोने-चांदी का बाज़ार है | रात लगभग 8 बजे से 2 बजे तक। कार्यदिवसों में रात 11 बजे के बाद भीड़ कम रहती है। | भुट्टे का कीस, जोशी दही बड़ा, गराड़ू (सर्दियों की खासियत), कुल्फी फालूदा और भी बहुत कुछ। |
ज़रूर चखने वाले व्यंजन
- इंदौरी पोहा-जलेबी: जीरावन मसाले, कुरकुरी सेव और धनिया के साथ नरम पोहा, गरमागरम जलेबी के साथ।
- भुट्टे का कीस: दूध, घी और मसालों में पका कद्दूकस किया भुट्टा, ऊपर से नारियल और धनिया।
- खोपरा पेटीज़: नारियल भरी आलू की पेटीज़।
- दही बड़ा: दही में नरम दाल के बड़े।
- गराड़ू: तला हुआ मसालेदार कंद, ज़्यादातर सर्दियों में।
- साबूदाना खिचड़ी और दाल बाफला भी लोकप्रिय हैं।
घूमने के सुझाव
- आरामदायक जूते-चप्पल पहनें। दोनों जगहें पैदल घूमने के लिए सबसे अच्छी हैं।
- खाली पेट जाएं और प्लेट बांटकर खाएं, ताकि ज़्यादा स्वाद चख सकें।
- ताज़ा और गरम खाने वाली भीड़ वाली दुकानें चुनें और सील्ड या फ़िल्टर्ड पानी पिएं।
- अगर एलर्जी है या परहेज़ है तो ऑर्डर से पहले सामग्री पूछ लें।
- थोड़ा नकद या UPI तैयार रखें और ऑर्डर से पहले दाम पूछ लें।
शहर घूमने की योजना है? इंदौर में राजवाड़ा और लालबाग पैलेस भी हैं, जिन्हें कई यात्री खाने की सैर के साथ देखते हैं।
