भारत की थोक महंगाई सितंबर में बढ़कर 11.39%, नए आधार वर्ष में सबसे ऊंची
भारत की थोक मूल्य आधारित महंगाई (WPI) सितंबर 2026 में बढ़कर 11.39% पर पहुंच गई, जो अगस्त में 9.92% थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक, यह 2022-23 के नए आधार वर्ष के बाद से अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
फ्यूल और पावर महंगाई बढ़कर 25.85% हो गई (अगस्त में 22.93%), जिसकी वजह कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की बढ़ती कीमतें हैं। मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की महंगाई 9.76% और प्राइमरी आर्टिकल्स की 8.67% रही, वहीं WPI फूड इंडेक्स अगस्त के 7.05% से बढ़कर 8.66% हो गया। कोर WPI महंगाई (जिसमें अस्थिर खाद्य और ईंधन शामिल नहीं होते) अगस्त के 8.1% से बढ़कर रिकॉर्ड 9.8% पर पहुंच गई।
सितंबर में ऑल-कमोडिटीज़ WPI इंडेक्स का स्तर 112.5 रहा, जो अगस्त में 110.8 था। यह अस्थायी आंकड़ा 83.4% भारित प्रतिक्रिया दर के आधार पर तैयार किया गया है और इसमें संशोधन संभव है।
