RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50% किया, करीब चार साल में पहली बढ़ोतरी; सेंसेक्स-निफ्टी गिरे
दर पर फैसला
भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने सर्वसम्मति से रेपो रेट 25 आधार अंक बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया, जो करीब चार वर्षों में पहली बढ़ोतरी है, और नीतिगत रुख को ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ में बदल दिया।
वृद्धि और महंगाई का अनुमान
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वित्त वर्ष 27 के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान 6.7 से बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया, वहीं अगस्त में खुदरा महंगाई 4.8 प्रतिशत पहुंचने के बाद महंगाई का अनुमान भी बढ़ाकर 5.2 प्रतिशत कर दिया।
बाजार की प्रतिक्रिया
सेंसेक्स 0.59 प्रतिशत गिरकर 72,638.70 पर और निफ्टी50 0.76 प्रतिशत गिरकर 22,603.05 पर बंद हुआ, क्योंकि ऊंची कच्चे तेल की कीमतों और दर बढ़ोतरी से निवेशकों की धारणा सतर्क रही।
कर्जदारों के लिए इसका मतलब
रेपो रेट बढ़ने से समय के साथ होम, ऑटो और पर्सनल लोन महंगे हो सकते हैं, क्योंकि बैंक रेपो दर से जुड़ी अपनी ऋण दरों को समायोजित करते हैं।
स्रोत: बिजनेस स्टैंडर्ड, कोटक नियो और पीआईबी की RBI MPC बैठक कवरेज, 7 अक्टूबर 2026। केवल जानकारी के लिए — निवेश सलाह नहीं।
