पंचांग: शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 (चतुर्दशी, अनंत चतुर्दशी, मुहूर्त, राहुकाल)
यहां शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 का पंचांग है, जो एक दिन पहले शाम को प्रकाशित किया गया। यह चतुर्दशी का दिन है और राष्ट्रीय पंचांग में इस तारीख पर अनंत चतुर्दशी दी गई है। सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं।

गुरुवार, 24 सितंबर 2026, रात 10:22 बजे (IST) को शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 के लिए तैयार किया गया। ग्रेगोरियन तारीख और वार हमारे प्रकाशन सिस्टम की घड़ी से लिए गए हैं, हाथ से नहीं लिखे गए।
तारीख तीन कैलेंडरों में
| कैलेंडर | तारीख |
|---|---|
| ग्रेगोरियन (अंग्रेज़ी) कैलेंडर | शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 |
| विक्रम संवत (हिंदू चांद्र-सौर) | 2083, भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी (रात 11:07 से पूर्णिमा) |
| शक संवत (हिंदू चांद्र-सौर) | 1948, भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी (रात 11:07 से पूर्णिमा) |
| शक संवत (भारतीय राष्ट्रीय नागरिक कैलेंडर) | 3 अश्विन 1948 |
उत्तर भारत के ज़्यादातर हिस्सों में विक्रम और शक संवत का वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (मार्च 2026) से बदलता है। गुजरात में विक्रम संवत दिवाली के बाद (इस वर्ष 10 नवंबर 2026) बदलता है।
हिंदू तिथि कब बदलती है? (तिथि की समय-सारणी)
हिंदू पंचांग में वार सूर्योदय पर बदलता है, लेकिन तिथि किसी भी समय बदल सकती है। सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, वही उस दिन की तिथि कहलाती है। आधिकारिक राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार अंग्रेज़ी घड़ी पर समय-सारणी (सभी समय IST):
| समय (अंग्रेज़ी कैलेंडर) | क्या बदलता है (विक्रम संवत पंचांग) |
|---|---|
| गुरुवार 24 सितंबर, रात 11:19 | त्रयोदशी समाप्त। चतुर्दशी लगेगी। तैतिल करण समाप्त, गर शुरू। |
| शुक्रवार 25 सितंबर, लगभग सुबह 6:20 (उज्जैन सूर्योदय) | शुक्रवार शुरू। सूर्योदय पर चतुर्दशी तिथि है, इसलिए 25 सितंबर चतुर्दशी का दिन है। |
| सुबह 11:18 | गर करण समाप्त। वणिज शुरू। |
| सुबह 11:23 | शतभिषा नक्षत्र समाप्त। पूर्वभाद्रपद शुरू। |
| दोपहर 2:51 | शूल योग समाप्त। गण्ड योग शुरू। |
| रात 11:07 | चतुर्दशी समाप्त होकर पूर्णिमा लगेगी। वणिज समाप्त, विष्टि शुरू। |
| शनिवार 26 सितंबर, सुबह 5:33 | चंद्रमा कुंभ राशि से मीन राशि में। |
| शनिवार 26 सितंबर, लगभग सुबह 6:20 | शनिवार शुरू। सूर्योदय पर पूर्णिमा तिथि है (रात 10:19 तक)। |
सरल शब्दों में: शुक्रवार 25 सितंबर को रात 11:07 बजे तक पूरे दिन चतुर्दशी रहेगी। रात 11:07 बजे के बाद चतुर्दशी समाप्त होकर पूर्णिमा लगेगी।
एक नज़र में पंचांग
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| वार | शुक्रवार |
| मास और पक्ष | भाद्रपद, शुक्ल पक्ष |
| तिथि | रात 11:07 तक चतुर्दशी, फिर पूर्णिमा (शनिवार रात 10:19 तक) |
| नक्षत्र | सुबह 11:23 तक शतभिषा, फिर पूर्वभाद्रपद (शनिवार सुबह 11:32 तक) |
| योग | दोपहर 2:51 तक शूल, फिर गण्ड (शनिवार दोपहर 1:18 तक) |
| करण | सुबह 11:18 तक गर, रात 11:07 तक वणिज, फिर विष्टि |
| चंद्र राशि | कुंभ (शनिवार सुबह 5:33 तक, फिर मीन) |
| विक्रम संवत / शक संवत | 2083 / 1948 |
सूर्य और चंद्रमा (उज्जैन)
| घटना | समय |
|---|---|
| सूर्योदय | सुबह 6:20 |
| सूर्यास्त | शाम 6:16 |
| दिन की लंबाई | लगभग 11 घंटे 56 मिनट |
| चंद्रोदय | शाम 5:30 |
| चंद्रास्त | सुबह 5:39 (26 सितंबर) |
सूर्योदय और सूर्यास्त पारंपरिक पंचांग पद्धति (सूर्य का केंद्र क्षितिज पर) से दिखाए गए हैं। आँख से दिखने वाला सूर्योदय लगभग 4 मिनट पहले और सूर्यास्त लगभग 4 मिनट बाद होता है। चंद्रोदय और चंद्रास्त उज्जैन के लिए गणना किए गए हैं और अलग-अलग कैलकुलेटर में 2 से 3 मिनट का फ़र्क हो सकता है।

शुभ समय (शुभ मुहूर्त)
| मुहूर्त | समय |
|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 4:44 से 5:32 |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 11:54 से 12:42 |

नए काम के लिए परंपरा से टाले जाने वाले समय
| काल | समय |
|---|---|
| गुलिक काल | सुबह 7:49 से 9:19 |
| राहुकाल | सुबह 10:48 से दोपहर 12:18 |
| यमगण्ड | दोपहर 3:17 से 4:47 |
आज की खास बात: चतुर्दशी और अनंत चतुर्दशी
चतुर्दशी चांद्र पखवाड़े की 14वीं तिथि है, और यह भाद्रपद के शुक्ल (उजले) पक्ष में पूर्णिमा से एक दिन पहले पड़ रही है। शुक्रवार को सूर्योदय के समय चतुर्दशी तिथि है, इसलिए राष्ट्रीय पंचांग में 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी दी गई है। कई परिवार और समुदाय इसे मुख्य गणेश विसर्जन के दिन के रूप में मनाते हैं, और परंपरा से इसे भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा से भी जोड़ा जाता है। विसर्जन के समय और परंपराओं के लिए हमारी गणेश विसर्जन गाइड देखें। पालन परिवार और समुदाय के अनुसार अलग होता है, इसलिए अपने स्थानीय पंचांग या मंदिर का पालन करें।
आगे क्या
- 26 सितंबर: भाद्रपद पूर्णिमा (राष्ट्रीय पंचांग में इंद्र पूर्णिमा भी दी गई है) और पूर्णिमा श्राद्ध के साथ पितृ पक्ष की शुरुआत। देखें हमारी पितृ पक्ष गाइड।
- 27 सितंबर: कृष्ण पक्ष प्रतिपदा; राष्ट्रीय पंचांग में इसी दिन से पितृ पक्ष तर्पण शुरू होना दिया गया है।
- 11 अक्टूबर: शारदीय नवरात्रि शुरू।
हमने ये समय कैसे जांचे
तिथि, नक्षत्र, योग और करण के समय भारत मौसम विज्ञान विभाग के पोज़ीशनल एस्ट्रोनॉमी सेंटर के आधिकारिक राष्ट्रीय पंचांग 1948 शक (2026–27) से लिए गए हैं। पुस्तक पूरे भारत के लिए IST में समय देती है और उज्जैन की अलग तालिका नहीं है, इसलिए उज्जैन के सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, राहुकाल और मुहूर्त के समय उज्जैन के लिए गणना करके हमारी खगोल-गणना से जांचे गए हैं (तिथि, नक्षत्र और योग के समाप्ति समय पुस्तक से 2 मिनट के भीतर मिले)। धार्मिक कार्यों के लिए अपने परिवार या मंदिर के पंचांग का पालन करें।
