पंचांग: सोमवार, 21 सितंबर 2026 (तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त, राहुकाल)
यहां सोमवार, 21 सितंबर 2026 का पंचांग है, जो उज्जैन के लिए गणना किया गया है। सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं।
रविवार, 20 सितंबर 2026, रात 9:30 बजे (IST) को सोमवार, 21 सितंबर 2026 के लिए तैयार किया गया। ग्रेगोरियन तारीख और वार हमारे प्रकाशन सिस्टम की घड़ी से लिए गए हैं, हाथ से नहीं लिखे गए।
आज की तारीख तीन कैलेंडरों में
| कैलेंडर | तारीख |
|---|---|
| ग्रेगोरियन (अंग्रेज़ी) कैलेंडर | सोमवार, 21 सितंबर 2026 |
| विक्रम संवत (हिंदू चांद्र-सौर) | 2083, भाद्रपद शुक्ल दशमी (रात 8:01 से एकादशी) |
| शक संवत (हिंदू चांद्र-सौर) | 1948, भाद्रपद शुक्ल दशमी (रात 8:01 से एकादशी) |
| शक संवत (भारतीय राष्ट्रीय नागरिक कैलेंडर) | 30 भाद्र 1948 |
उत्तर भारत के ज़्यादातर हिस्सों में विक्रम और शक संवत का वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (मार्च 2026) से बदलता है। गुजरात में विक्रम संवत दिवाली के बाद बदलता है, इसलिए वहां वर्ष संख्या अलग हो सकती है। राष्ट्रीय नागरिक कैलेंडर की तारीख इस आधिकारिक नियम से निकाली गई है कि भाद्र 23 अगस्त से शुरू होता है (31 दिन), जिससे 21 सितंबर भाद्र की 30वीं तारीख बनती है।
उज्जैन और विक्रम संवत
उज्जैन को विक्रम संवत कैलेंडर की जन्मभूमि माना जाता है। उज्जैन के जंतर-मंतर में लगी विक्रमादित्य वैदिक घड़ी पारंपरिक भारतीय पद्धति से समय और पंचांग की जानकारी दिखाती है, और इसका एक मुफ़्त मोबाइल ऐप Android और iPhone के लिए है, जिसमें पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, मुहूर्त, व्रत और त्योहार हैं। इस पेज के समय सार्वजनिक पंचांग कैलकुलेटरों द्वारा उज्जैन के लिए गणना किए गए हैं। हमने घड़ी या उसके ऐप से डेटा नहीं लिया है। आप ऐप खोलकर उसकी अपनी रीडिंग से मिलान कर सकते हैं।
हिंदू तिथि कब बदलती है? (तिथि की समय-सारणी)
हिंदू पंचांग में वार सूर्योदय पर बदलता है, लेकिन तिथि किसी भी समय बदल सकती है, दोपहर में भी और देर शाम को भी। इसीलिए अंग्रेज़ी कैलेंडर की एक तारीख में अक्सर दो तिथियां होती हैं। सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, वही उस दिन की तिथि कहलाती है। आधिकारिक राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार अंग्रेज़ी घड़ी पर समय-सारणी यह है (सभी समय IST):
| समय (अंग्रेज़ी कैलेंडर) | क्या बदलता है (विक्रम संवत पंचांग) |
|---|---|
| रविवार 20 सितंबर, शाम 5:52 | शुक्ल नवमी समाप्त। शुक्ल दशमी लगेगी। तैतिल करण शुरू। |
| सोमवार 21 सितंबर, सुबह 4:35 | पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र समाप्त। उत्तराषाढ़ा शुरू। |
| सोमवार 21 सितंबर, लगभग सुबह 6:19 (उज्जैन सूर्योदय) | सोमवार शुरू। सूर्योदय पर दशमी तिथि है, इसलिए 21 सितंबर दशमी का दिन है। |
| सुबह 6:59 | गर करण शुरू। |
| सुबह 11:15 | चंद्रमा धनु से मकर राशि में। |
| शाम 4:06 | शोभन योग समाप्त। अतिगंड योग शुरू। |
| रात 8:01 | दशमी समाप्त होकर एकादशी लगेगी। वणिज करण शुरू। |
| मंगलवार 22 सितंबर, लगभग सुबह 6:19 | मंगलवार शुरू। सूर्योदय पर एकादशी तिथि है, इसलिए 22 सितंबर एकादशी का दिन है। पुस्तक में 22 सितंबर को पार्श्वपरिवर्तनी एकादशी दी गई है। |
| मंगलवार 22 सितंबर, सुबह 7:07 | उत्तराषाढ़ा समाप्त। श्रवण शुरू। |
| मंगलवार 22 सितंबर, रात 9:44 | एकादशी समाप्त होकर द्वादशी लगेगी। |
सरल शब्दों में: सोमवार 21 सितंबर को रात 8:01 बजे तक दशमी रहेगी। रात 8:01 बजे के बाद दशमी समाप्त होकर एकादशी लगेगी, जो मंगलवार रात 9:44 बजे तक रहेगी।
एक नज़र में पंचांग
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| वार | सोमवार |
| मास और पक्ष | भाद्रपद, शुक्ल पक्ष |
| तिथि | रात 8:01 बजे तक दशमी, फिर एकादशी (मंगलवार रात 9:44 तक) |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा, सोमवार सुबह 4:35 से मंगलवार सुबह 7:07 तक |
| योग | शाम 4:06 तक शोभन, फिर अतिगंड (मंगलवार शाम 4:29 तक) |
| करण | सुबह 6:59 तक तैतिल, रात 8:01 तक गर, फिर वणिज (मंगलवार सुबह 8:57 तक) |
| चंद्र राशि | सुबह 11:15 बजे तक धनु, फिर मकर |
| विक्रम संवत / शक संवत | 2083 / 1948 |
सूर्य और चंद्रमा
| घटना | समय |
|---|---|
| सूर्योदय | सुबह 6:19 |
| सूर्यास्त | शाम 6:20 |
| चंद्रोदय | दोपहर 3:04 |
| चंद्रास्त | रात 2:01 (22 सितंबर) |
सूर्योदय और सूर्यास्त पारंपरिक पंचांग पद्धति (सूर्य का केंद्र क्षितिज पर) से दिखाए गए हैं। आँख से दिखने वाला सूर्योदय लगभग 4 मिनट पहले और सूर्यास्त लगभग 4 मिनट बाद होता है।
शुभ समय (शुभ मुहूर्त)
| मुहूर्त | समय |
|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 4:43 से 5:31 |
| सर्वार्थ सिद्धि योग | सुबह 4:34 से 6:19 |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 11:55 से 12:44 |
इस तारीख पर ब्रह्म मुहूर्त और सर्वार्थ सिद्धि योग की अवधि सूर्योदय से पहले है। पंचांग में वार सूर्योदय पर बदलता है, इसलिए यह सुबह-सुबह की अवधि पिछले दिन (रविवार) के पंचांग की मानी जाती है।
नए काम के लिए परंपरा से टाले जाने वाले समय
| काल | समय |
|---|---|
| राहुकाल | सुबह 7:49 से 9:19 |
| यमगण्ड | सुबह 10:49 से दोपहर 12:20 |
| गुलिक काल | दोपहर 1:50 से 3:20 |
पंचांग क्या है?
“पंचांग” का अर्थ है पांच अंग। यह हिंदू कैलेंडर है, जिसमें हर दिन के पांच अंग दिए जाते हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। कई परिवार पूजा, त्योहार और ज़रूरी पारिवारिक कार्यों के लिए सुविधाजनक समय चुनने में इसका उपयोग करते हैं।
हमने ये समय कैसे जांचे
इस पेज की तिथि, नक्षत्र, योग और करण के समय भारत मौसम विज्ञान विभाग के पोज़ीशनल एस्ट्रोनॉमी सेंटर के आधिकारिक राष्ट्रीय पंचांग 1948 शक (2026–27) से मेल खाते हैं: दशमी रात 8:01 बजे समाप्त, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र पूरे दिन, शोभन योग शाम 4:06 बजे समाप्त, और करण तैतिल, गर और वणिज। पुस्तक में यह तारीख राष्ट्रीय कैलेंडर में 30 भाद्र 1948 दी गई है। इसकी तालिकाएं पूरे भारत के लिए IST में हैं और उज्जैन की अलग तालिका नहीं है, इसलिए उज्जैन के सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल और मुहूर्त के समय सार्वजनिक पंचांग कैलकुलेटरों और हमारी खगोल-गणना से लिए गए हैं, जो लगभग एक मिनट के भीतर मेल खाए। धार्मिक कार्यों के लिए अपने परिवार या मंदिर के पंचांग का पालन करें।
आगे क्या
- 25 सितंबर: अनंत चतुर्दशी और मुख्य गणेश विसर्जन। देखें हमारी गणेश विसर्जन गाइड।
- 26 सितंबर: पितृ पक्ष शुरू। देखें हमारी पितृ पक्ष गाइड।
- सारी तारीखें एक जगह: ज़रूरी तारीखें, 20 सितंबर से 20 अक्टूबर।
स्रोत
- Prokerala: 21 सितंबर 2026 का पंचांग (उज्जैन)
- NewsTrack: आज का पंचांग, 21 सितंबर 2026
- Wikipedia: भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर (मास प्रारंभ तिथियां)
- विक्रमादित्य वैदिक घड़ी ऐप (App Store)
- राष्ट्रीय पंचांग, पोज़ीशनल एस्ट्रोनॉमी सेंटर, IMD (आधिकारिक राष्ट्रीय पंचांग, मिलान के लिए)
- दृक पंचांग (व्यापक रूप से उपयोग होने वाला मुफ़्त पंचांग, मिलान के लिए)
- Wikipedia: विक्रम संवत
- राष्ट्रीय पंचांग 1948 शक (2026–27), पोज़ीशनल एस्ट्रोनॉमी सेंटर, IMD (मुफ़्त डाउनलोड पेज)
- राष्ट्रीय पंचांग अंग्रेज़ी 2026-27 (ZIP, आधिकारिक)
