गणेश चतुर्थी 2026: तारीख, पूजा विधि, मोदक और 10 दिनों की आसान गाइड

केवल सामान्य जानकारी के लिए। परंपराएं और समय क्षेत्र, समुदाय और परिवार के अनुसार अलग हो सकते हैं। कृपया अपने परिवार की परंपरा का पालन करें और अपने शहर का पंचांग या भरोसेमंद पंडित जी से पुष्टि कर लें। यह धार्मिक, चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।

गणेश चतुर्थी 2026 सोमवार, 14 सितंबर को मनाई गई। गणेशोत्सव अभी चल रहा है और शुक्रवार, 25 सितंबर (अनंत चतुर्दशी) को इसका अंतिम दिन है, जब ज़्यादातर बड़े पंडालों में मुख्य विसर्जन होता है। इस गाइड में तारीख, प्रतिमा स्थापना का समय, पूजा की सरल विधि, पारंपरिक भोग और दस दिनों का क्रम दिया गया है।

एक नज़र में

  • पर्व की तारीख: सोमवार, 14 सितंबर 2026 (भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी)
  • चतुर्थी तिथि: 14 सितंबर सुबह 7:07 बजे से 15 सितंबर सुबह 7:45 बजे तक
  • प्रतिमा स्थापना (मध्याह्न मुहूर्त): नई दिल्ली दोपहर 11:02 से 1:31; मुंबई 11:20 से 1:48; पुणे 11:16 से 1:44; कोलकाता 10:18 से 12:46
  • मुख्य विसर्जन: शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 (अनंत चतुर्दशी)

समय ऊपर बताए शहरों के पंचांग के अनुसार हैं। कृपया अपने शहर का पंचांग देख लें।

इस पेज की तिथि की तारीखें और समय भारत मौसम विज्ञान विभाग के पोज़ीशनल एस्ट्रोनॉमी सेंटर के आधिकारिक राष्ट्रीय पंचांग 1948 शक (2026–27) से जांचे गए हैं (मुफ़्त डाउनलोड)।

चित्र: इन्फोटैब इंडिया।

गणेश चतुर्थी क्या है?

गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्म का पर्व है। उन्हें विघ्नहर्ता और नए कार्यों का देवता माना जाता है। परिवार घर में मिट्टी की प्रतिमा लाते हैं और मोहल्लों में सार्वजनिक पंडाल सजते हैं। 19वीं सदी के अंत में महाराष्ट्र में सार्वजनिक उत्सव लोकप्रिय हुआ और आज यह पूरे देश में मनाया जाता है।

पूजा में सजी गणेश प्रतिमा। फोटो: Ashish Suryavanshi858, CC0, Wikimedia Commons के ज़रिए।

पूजा की सरल विधि

  1. एक छोटी सी जगह साफ करें और साफ कपड़ा बिछाएं।
  2. संकल्प लें, यानी पूजा शुरू करने का सरल निश्चय।
  3. प्रतिमा स्थापित करें और छोटी प्रार्थना के साथ गणेश जी का आवाहन करें।
  4. फूल, धूप, दीप और जल अर्पित करें। परंपरा में सोलह उपचार (षोडशोपचार) होते हैं।
  5. मोदक जैसा नैवेद्य चढ़ाएं और आरती करें।
  6. विसर्जन तक सुबह-शाम छोटी आरती करें।

छोटे घर और व्यस्त परिवार पूजा को संक्षिप्त रख सकते हैं। लंबाई से ज़्यादा श्रद्धा मायने रखती है।

पारंपरिक भोग: मोदक और दूर्वा

कई परिवार 21 दूर्वा और 21 मोदक चढ़ाते हैं। मोदक चावल के आटे से बनी मिठाई है, जिसमें नारियल और गुड़ भरा जाता है। गुड़हल जैसे लाल फूल भी लोकप्रिय हैं। परंपराएं अलग-अलग होती हैं, इसलिए अपने परिवार का तरीका अपनाएं।

मोदक, पारंपरिक भोग। फोटो: Coolgama, CC BY-SA 4.0, Wikimedia Commons के ज़रिए।

चंद्र दर्शन को लेकर एक मान्यता

कुछ परिवार गणेश चतुर्थी की रात चंद्रमा न देखने की परंपरा रखते हैं। इसकी चिंता कम करने के लिए स्यमंतक मणि की कथा सुनने की परंपरा है। यह एक मान्यता है, सब पर लागू होने वाला नियम नहीं।

गणेश चतुर्थी के दौरान सार्वजनिक पंडाल में गणेश प्रतिमा। फोटो: AjayDas, CC BY-SA 4.0, Wikimedia Commons के ज़रिए।

दस दिनों का क्रम

कई परिवार प्रतिमा को कम दिन रखते हैं। 2026 में विसर्जन के प्रचलित दिन ये हैं:

अवधि तारीख वार
डेढ़ दिन 15 सितंबर मंगलवार
तीसरा दिन 16 सितंबर बुधवार
पांचवां दिन 18 सितंबर शुक्रवार
सातवां दिन 20 सितंबर रविवार
अनंत चतुर्दशी (मुख्य विसर्जन) 25 सितंबर शुक्रवार

सरल और संवेदनशील तरीके से मनाएं

  • प्राकृतिक रंगों वाली मिट्टी की प्रतिमा चुनें।
  • सजावट में फूल-पत्तों का उपयोग करें और प्लास्टिक व थर्मोकोल कम करें।
  • पड़ोसियों के साथ प्रसाद बांटें।
  • संगीत और स्पीकर की आवाज़ इतनी रखें कि बुज़ुर्गों, विद्यार्थियों और पास के मरीज़ों को परेशानी न हो।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2026 में गणेश चतुर्थी कब थी? सोमवार, 14 सितंबर 2026 को।

क्या गणेशोत्सव अभी चल रहा है? हां, 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी तक।

प्रतिमा की स्थापना कब करनी चाहिए? परंपरा में दोपहर (मध्याह्न) में। ऊपर शहरों के समय देखें।

गणेशोत्सव के बाद क्या? हमारी गणेश विसर्जन 2026 गाइड पढ़ें। इसके बाद 26 सितंबर से पितृ पक्ष शुरू होगा, देखें हमारी पितृ पक्ष 2026 गाइड

केवल सामान्य जानकारी के लिए। परंपराएं और समय क्षेत्र, समुदाय और परिवार के अनुसार अलग हो सकते हैं। कृपया अपने परिवार की परंपरा का पालन करें और अपने शहर का पंचांग या भरोसेमंद पंडित जी से पुष्टि कर लें। यह धार्मिक, चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।

स्रोत

तारीखें 20 सितंबर 2026 को जांची गईं। फोटो क्रेडिट हर फोटो के नीचे दिए गए हैं।

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