पंचांग: रविवार, 27 सितंबर 2026 (प्रतिपदा, नक्षत्र, मुहूर्त, राहुकाल)
यहां रविवार, 27 सितंबर 2026 का पंचांग है, जो एक दिन पहले शाम को प्रकाशित किया गया। यह कृष्ण पक्ष प्रतिपदा का दिन है, यानी भाद्रपद पूर्णिमा के बाद आने वाले कृष्ण पक्ष का पहला दिन, और राष्ट्रीय पंचांग में इसी तारीख से पितृ पक्ष तर्पण शुरू होना दिया गया है। समय उज्जैन के लिए दिए गए हैं और अलग तालिका में प्रयागराज के लिए भी। सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं।

शनिवार, 26 सितंबर 2026, रात 9:51 बजे (IST) को रविवार, 27 सितंबर 2026 के लिए तैयार किया गया। ग्रेगोरियन तारीख और वार हमारे प्रकाशन सिस्टम की घड़ी से लिए गए हैं, हाथ से नहीं लिखे गए।
तारीख तीन कैलेंडरों में
| कैलेंडर | तारीख |
|---|---|
| ग्रेगोरियन (अंग्रेज़ी) कैलेंडर | रविवार, 27 सितंबर 2026 |
| विक्रम संवत (हिंदू चांद्र-सौर) | 2083, भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा (उत्तर भारत के पूर्णिमांत कैलेंडर में इसे आश्विन कृष्ण प्रतिपदा कहा जाता है) |
| शक संवत (हिंदू चांद्र-सौर) | 1948, भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा |
| शक संवत (भारतीय राष्ट्रीय नागरिक कैलेंडर) | 5 अश्विन 1948 |
महीनों के नाम दो पद्धतियों में अलग होते हैं। अमांत पद्धति (गुजरात, महाराष्ट्र, दक्षिण भारत) में पूर्णिमा के बाद का पक्ष भाद्रपद कृष्ण कहलाता है; उत्तर भारत में प्रचलित पूर्णिमांत पद्धति में यह पहले से आश्विन कृष्ण है। राष्ट्रीय पंचांग इसे भाद्र कृष्ण लिखता है। उत्तर भारत के ज़्यादातर हिस्सों में विक्रम और शक संवत का वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (मार्च 2026) से बदलता है। गुजरात में विक्रम संवत दिवाली के बाद (इस वर्ष 10 नवंबर 2026) बदलता है।
हिंदू तिथि कब बदलती है? (तिथि की समय-सारणी)
हिंदू पंचांग में वार सूर्योदय पर बदलता है, लेकिन तिथि किसी भी समय बदल सकती है। सूर्योदय के समय जो तिथि चल रही हो, वही उस दिन की तिथि कहलाती है। आधिकारिक राष्ट्रीय पंचांग के अनुसार अंग्रेज़ी घड़ी पर समय-सारणी (सभी समय IST):
| समय (अंग्रेज़ी कैलेंडर) | क्या बदलता है (विक्रम संवत पंचांग) |
|---|---|
| शनिवार 26 सितंबर, रात 10:19 | पूर्णिमा समाप्त। कृष्ण पक्ष प्रतिपदा लगेगी। बालव करण शुरू। |
| रविवार 27 सितंबर, लगभग सुबह 6:20 (उज्जैन सूर्योदय) | रविवार शुरू। सूर्योदय पर प्रतिपदा तिथि है, इसलिए 27 सितंबर प्रतिपदा का दिन है। |
| सुबह 9:43 | बालव करण समाप्त। कौलव शुरू। |
| सुबह 11:08 | उत्तरभाद्रपद नक्षत्र समाप्त। रेवती शुरू। |
| सुबह 11:17 | वृद्धि योग समाप्त। ध्रुव योग शुरू। |
| दोपहर 1:20 | सूर्य हस्त नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। |
| रात 8:59 | प्रतिपदा समाप्त होकर द्वितीया लगेगी। कौलव समाप्त, तैतिल शुरू। |
| सोमवार 28 सितंबर, सुबह 8:09 | तैतिल करण समाप्त। गर शुरू। |
| सोमवार 28 सितंबर, सुबह 8:54 | ध्रुव योग समाप्त। अगला योग शुरू। |
| सोमवार 28 सितंबर, सुबह 10:17 | रेवती नक्षत्र समाप्त। अश्विनी शुरू। चंद्रमा मीन से मेष राशि में। |
| सोमवार 28 सितंबर, लगभग सुबह 6:20 | सोमवार शुरू। सूर्योदय पर द्वितीया तिथि है (शाम 7:14 तक)। |
सरल शब्दों में: रविवार 27 सितंबर को सूर्योदय से रात 8:59 बजे तक प्रतिपदा रहेगी। रात 8:59 बजे के बाद प्रतिपदा समाप्त होकर द्वितीया लगेगी।
एक नज़र में पंचांग
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| वार | रविवार |
| मास और पक्ष | भाद्रपद, कृष्ण पक्ष (पूर्णिमांत पद्धति में आश्विन कृष्ण) |
| तिथि | रात 8:59 तक प्रतिपदा, फिर द्वितीया (सोमवार शाम 7:14 तक) |
| नक्षत्र | सुबह 11:08 तक उत्तरभाद्रपद, फिर रेवती (सोमवार सुबह 10:17 तक) |
| योग | सुबह 11:17 तक वृद्धि, फिर ध्रुव (सोमवार सुबह 8:54 तक) |
| करण | सुबह 9:43 तक बालव, रात 8:59 तक कौलव, फिर तैतिल |
| चंद्र राशि | पूरे दिन मीन (सोमवार सुबह 10:17 पर मेष में) |
| सूर्य का हस्त नक्षत्र में प्रवेश | दोपहर 1:20 |
| विक्रम संवत / शक संवत | 2083 / 1948 |
सूर्य और चंद्रमा (उज्जैन)
| घटना | समय |
|---|---|
| सूर्योदय | सुबह 6:20 |
| सूर्यास्त | शाम 6:14 |
| दिन की लंबाई | लगभग 11 घंटे 54 मिनट |
| चंद्रोदय | शाम 6:38 |
| चंद्रास्त | सुबह 7:35 (28 सितंबर) |
सूर्योदय और सूर्यास्त पारंपरिक पंचांग पद्धति (सूर्य का केंद्र क्षितिज पर) से दिखाए गए हैं। आँख से दिखने वाला सूर्योदय लगभग 4 मिनट पहले और सूर्यास्त लगभग 4 मिनट बाद होता है। चंद्रोदय और चंद्रास्त उज्जैन के लिए गणना किए गए हैं और अलग-अलग कैलकुलेटर में 2 से 3 मिनट का फ़र्क हो सकता है (प्रोकेरला में शाम 6:35 और सुबह 7:38 है)।

शुभ समय (शुभ मुहूर्त), उज्जैन
| मुहूर्त | समय |
|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 4:44 से 5:32 |
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 11:54 से 12:41 |

नए काम के लिए परंपरा से टाले जाने वाले समय, उज्जैन
| काल | समय |
|---|---|
| यमगण्ड | दोपहर 12:17 से 1:47 |
| गुलिक काल | दोपहर 3:16 से 4:45 |
| राहुकाल | शाम 4:45 से 6:14 |
प्रयागराज के समय
तिथि, नक्षत्र, योग और करण के ऊपर दिए समय पूरे भारत में एक जैसे होते हैं। केवल सूर्योदय पर आधारित समय शहर के अनुसार बदलते हैं। प्रयागराज उज्जैन से लगभग 24 मिनट पूर्व में है, इसलिए वहां सूर्य पहले उगता और अस्त होता है। ये समय प्रयागराज (25.44° उत्तर, 81.85° पूर्व) के लिए गणना किए गए हैं:
| घटना | प्रयागराज |
|---|---|
| सूर्योदय | सुबह 5:56 |
| सूर्यास्त | शाम 5:50 |
| दिन की लंबाई | लगभग 11 घंटे 53 मिनट |
| चंद्रोदय | शाम 6:11 |
| चंद्रास्त | सुबह 7:13 (28 सितंबर) |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 4:20 से 5:08 |
| अभिजीत मुहूर्त | सुबह 11:29 से दोपहर 12:17 |
| यमगण्ड | सुबह 11:53 से दोपहर 1:22 |
| गुलिक काल | दोपहर 2:51 से 4:21 |
| राहुकाल | शाम 4:21 से 5:50 |
प्रयागराज के समय हमारी अपनी गणना से हैं, जिसमें उज्जैन जैसी ही पद्धति (पारंपरिक सूर्योदय-सूर्यास्त, लाहिरी अयनांश) इस्तेमाल हुई है। हमने पद्धति को उज्जैन के लिए प्रोकेरला से मिलाया है, लेकिन प्रयागराज को किसी दूसरी वेबसाइट से नहीं मिलाया है, इसलिए दोनों तरफ कुछ मिनट का फ़र्क मानकर चलें।
आज का दिन: कृष्ण प्रतिपदा और पितृ पक्ष
प्रतिपदा चांद्र पक्ष की पहली तिथि है। यह भाद्रपद पूर्णिमा के बाद शुरू होने वाले कृष्ण (अंधेरे) पक्ष की पहली तिथि है। राष्ट्रीय पंचांग में 27 सितंबर से पितृ पक्ष तर्पण शुरू होना दिया गया है, और परंपरा में प्रतिपदा तिथि वह दिन है जब कुछ परिवार प्रतिपदा को दिवंगत हुए परिजनों का श्राद्ध करते हैं। पालन और सही समय परिवार और समुदाय के अनुसार अलग होते हैं, इसलिए अपने स्थानीय पंचांग, पंडित जी या मंदिर का पालन करें। तिथियां और नियम देखने के लिए हमारी पितृ पक्ष गाइड देखें।
ग्रह समाचार: बुध का तुला राशि में प्रवेश
शनिवार 26 सितंबर को बहुत से पाठकों ने बुध को खोजा, क्योंकि बुध ने राशि बदली। भारतीय पंचांग में इस्तेमाल होने वाली निरयन (लाहिरी) पद्धति में बुध कन्या से तुला राशि में शनिवार 26 सितंबर 2026 को लगभग दोपहर 12:30 बजे (IST) गए (हमारी गणना 12:29 बजे बताती है, कुछ हिंदी कैलेंडरों में 12:31 और प्रोकेरला में 12:36 बजे है, क्योंकि कैलेंडरों में कुछ मिनट का फ़र्क होता है)। पूरा विवरण हमारे बुध गोचर लेख में देखें। हमारी अपनी खगोलीय गणना से पूरी तस्वीर:
| घटना | तारीख और समय (IST) |
|---|---|
| बुध का तुला राशि में प्रवेश | शनिवार 26 सितंबर 2026, लगभग दोपहर 12:30 |
| बुध वक्री होंगे | शनिवार 24 अक्टूबर 2026, लगभग दोपहर 1:54 |
| बुध मार्गी होंगे | शुक्रवार 13 नवंबर 2026, लगभग रात 10:18 |
| बुध का तुला से वृश्चिक राशि में प्रवेश | बुधवार 2 दिसंबर 2026, लगभग शाम 5:18 |
बुध 13 नवंबर को फिर मार्गी हो जाएंगे, यानी तुला में लगभग तीन हफ्ते वक्री गति में रहेंगे। यह केवल खगोल की जानकारी है। इस पेज में राशियों या लोगों के बारे में कोई भविष्यवाणी नहीं है।
आगे क्या
- 28 सितंबर: कृष्ण द्वितीया (27 सितंबर रात 8:59 से शाम 7:14 तक)। चंद्रमा सुबह 10:17 पर मेष में प्रवेश करेंगे।
- 11 अक्टूबर: शारदीय नवरात्रि शुरू।
- 24 अक्टूबर: बुध वक्री होंगे; 13 नवंबर: बुध मार्गी होंगे।
हमने ये समय कैसे जांचे
तिथि, नक्षत्र, योग और करण के समय भारत मौसम विज्ञान विभाग के पोज़ीशनल एस्ट्रोनॉमी सेंटर के आधिकारिक राष्ट्रीय पंचांग 1948 शक (2026–27) से लिए गए हैं। हमने इन्हें प्रोकेरला के उज्जैन पंचांग और अपनी खगोलीय गणना से मिलाया और ये 2 मिनट के भीतर मिले (जैसे प्रतिपदा पुस्तक और हमारी गणना में रात 8:59 पर, प्रोकेरला में 8:58 पर समाप्त; नक्षत्र 11:08, 11:08 और 11:07 पर)। उज्जैन के सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, यमगण्ड, गुलिक, अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त के समय प्रोकेरला से मिले। पुस्तक में अलग शहरों की तालिका नहीं है, इसलिए शहरों के सभी समय गणना से हैं। चंद्रोदय और चंद्रास्त प्रोकेरला से 3 मिनट अलग हैं। बुध के राशि परिवर्तन हमारी अपनी गणना हैं। धार्मिक कार्यों के लिए अपने परिवार या मंदिर के पंचांग का पालन करें।
स्रोत
- राष्ट्रीय पंचांग 1948 शक (2026–27), पोज़ीशनल एस्ट्रोनॉमी सेंटर, IMD (मुफ़्त डाउनलोड पेज)
- राष्ट्रीय पंचांग अंग्रेज़ी 2026-27 (ZIP, आधिकारिक)
- प्रोकेरला: 27 सितंबर 2026 का पंचांग (उज्जैन), मिलान के लिए
- Wikipedia: भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर (मास प्रारंभ तिथियां)
- Wikimedia Commons: राम घाट, उज्जैन (फोटो, CC BY-SA 3.0)
